菜单

घर
भजन के आॅडियो लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
भजन के आॅडियो लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

2019/06/19

परमेश्वर के वचनों का एक भजन सबसे बड़ी आशीष जो ईश्वर मानव को प्रदान करता है



  • सबसे बड़ी आशीष जो ईश्वर मानव को प्रदान करता है

  • I
  • परमेश्वर के शब्दों के समापन के साथ, उसका साम्राज्य है बन रहा।
  • फिर से मानव के होने से सामान्य, प्रभु का साम्राज्य बना।
  • साम्राज्य में रहते परमेश्वर के जन, फिर पाओगे तुम मनुष्योचित जीवन।
  • आज, तुम जीते हो प्रभु के समक्ष; उसके साम्राज्य में जिओगे तुम कल।
  • आनंद – सौहार्द से भरी धरती सारी।
  • धरती पर प्रभु का साम्राज्य बना। धरती पर प्रभु का साम्राज्य बना।

2019/06/18

परमेश्वर के वचनों का एक भजन इंसान के लिए परमेश्वर के प्रबंध के मायने



  • इंसान के लिए परमेश्वर के प्रबंध के मायने

  • I
  • प्रबंधन ईश्वर का ऐसे लोगों को प्राप्त करने के लिए है
  • जो उसके अधीन रहें और आराधना करें।
  • यह मानवजाति, शैतान द्वारा भ्रष्ट की हुई,
  • अब और उसे पिता जैसे नहीं देखती।
  • वे जानते हैं उसका बुरा चेहरा, त्यागते हैं
  • और स्वीकारते हैं ईश्वर का न्याय और ताड़ना।

2019/06/11

राज्य के नज़ारे लगते हैं नये सदा



  • कलीसिया का भजन
  • राज्य के नज़ारे लगते हैं नये सदा

  •  I
  • धुंधले आसमान से चमकता है उगता सूरज पूरब में,
  • लौट आया है साकार रूप लेकर
  • इस जगत में मुक्तिदाता।
  • राज्य-जीवन को अंगीकार कर रही है दुनिया,
  • जीवंत हो उठी है हर चीज़।
  • आह! अब हो गया है सवेरा।
  • आह! हमारी नज़रों के सामने है रोशनी।
  • साकार हुई हैं उम्मीदें दो हज़ार सालों की।

2019/06/10

इरादा पक्का है परमेश्वर के अनुसरण का



  • आराधना गीत
  • इरादा पक्का है परमेश्वर के अनुसरण का

  •  I
  • परमेश्वर में आज तक आस्था रखकर,
  • आख़िर देख ली है रोशनी मैंने।
  • यातना और तकलीफ़ों की पथरीली राह पर चली हूँ मैं।
  • तज दिया संसार ने मुझको, दोस्त भी दूर-दूर रहते हैं।
  • न जाने कितनी रातें प्रार्थना में, जागकर गुज़ारी हैं मैंने।
  • ग़म और ख़ुशी के न जाने, कितने आँसू बहाए हैं मैंने।
  • दौड़ती रहती हूँ दिनभर, चैन कहीं न पाया मैंने।

2019/06/03

कलीसिया का भजन जीने के लिये इंसान के पास सत्य होना चाहिये



  • कलीसिया का भजन
  • जीने के लिये इंसान के पास सत्य होना चाहिये

  • I
  • भरोसा है जिसे परमेश्वर में,
  • नीरस ज़िंदगी से बचने के लिये,
  • उसके पास परमेश्वर के वचन होने चाहिये।
  • चमकती है रोशनी परमेश्वर के वचनों से,
  • कौन हूँ मैं जानता नहीं, बग़ैर परमेश्वर के वचनों के।
  • परमेश्वर के करीब अपने दिल को रखने के लिये,
  • हमें उसके वचन पढ़ने चाहिये,
  • सत्य के संग अक्सर संवाद करना चाहिये।

2019/06/02

कलीसिया का भजन हार्दिक लगाव का गीत



  • कलीसिया का भजन
  • हार्दिक लगाव का गीत 

  • I
  • एक है देहधारी परमेश्वर
  • जो भी वो कहता, जो भी वो करता, सब सत्य है।
  • उसकी धार्मिकता और बुद्धि से प्रेम है मुझे।
  • उसे देखना, उसकी बात मानना, एक आशीष है।
  • उसके दिल और प्यार ने जीत लिया है मुझे।
  • और नहीं खोजती, अब उसके पीछे दौड़ती हूँ मैं।
  • उसकी गवाही देने खातिर, सहती हूँ मुश्किलें मैं,
  • पर ये अच्छा लगता है मुझे।
  • उसके प्रति वफादार हूँ मैं, अपने प्रियतम से प्रेम है मुझे।

2019/06/01

परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर की विजय के प्रतीक



  • परमेश्वर की विजय के प्रतीक

  •  I
  • मानव फिर से वही हो गया, जैसा वो आरंभ में था।
  • वो अपना फ़र्ज़ निभा सकते हैं, अपनी जगह रख सकते हैं,
  • परमेश्वर की व्यवस्था का पालन कर सकते हैं।
  • परमेश्वर का होगा ऐसा समूह, जो धरती पर उसको पूजे।
  • बना लेगा वो ऐसा राज्य भी, जो धरती पर भी उसको पूजे।
  • बना लेगा वो ऐसा राज्य भी, जो धरती पर भी उसको पूजे।

2019/05/25

परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर उन्हें आशीष देता है जो ईमानदार हैं



  • परमेश्वर उन्हें आशीष देता है जो ईमानदार हैं

  •  I
  • जब तुम ईश्वर को देते हो दिल और उसे धोखा नहीं देते हो,
  • जब तुम खुद से ऊँचे या नीचे लोगों को कभी नहीं छलते हो,
  • जब ईश्वर के प्रति साफ़दिल हो सब चीज़ों में,
  • जब तुम ईश्वर की चापलूसी वाले काम न करो,
  • है ये बनना ईमानदार।
  • ईमानदारी है अपने कार्यों और वचनों से अशुद्धि को दूर रखना,

2019/05/24

परमेश्वर के वचनों का एक भजन बदली नहीं हैं परमेश्वर की उम्मीदें इंसान के लिये



  • बदली नहीं हैं परमेश्वर की उम्मीदें इंसान के लिये

  •  I
  • जब इसहाक को पेश किया बलिदान के लिये अब्राहम ने,
  • तो देखी परमेश्वर ने आज्ञाकारिता और ईमानदारी उसकी,
  • कामयाब रहा वो परमेश्वर के इम्तहान में।
  • परमेश्वर का विश्वासपात्र बनने, उसे जानने की योग्यता से
  • अभी भी दूर था मगर वो।
  • देख नहीं सका परमेश्वर का स्वभाव वो।
  • परमेश्वर से एक मन होने से, उसकी इच्छा पूरी करने से, बहुत दूर था वो।

2019/05/18

परमेश्वर के वचनों का एक भजन सृष्टिकर्ता के अधिकार का असली मूर्त रूप



  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • सृष्टिकर्ता के अधिकार का असली मूर्त रूप 

  • I
  • दुनिया और इंसान की नियति,
  • रचयिता के प्रभुत्व से जुड़ी है गहराई से,
  • अलग हो नहीं सकती रचयिता के आयोजन से,
  • अटूट बंधन है इसका रचयिता के अधिकार से।
  • तमाम चीज़ों के कानूनों से समझता है इंसा,
  • रचयिता के आयोजन और सत्ता को;
  • जीवित रहने के नियमों से महसूस करता है इंसा,
  • परमेश्वर के शासन को;

2019/05/17

परमेश्वर के वचनों का एक भजन एकमात्र परमेश्वर का प्रभुत्व है इंसान की नियति पर



  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • एकमात्र परमेश्वर का प्रभुत्व है इंसान की नियति पर

  •  
  • I
  • तुम अपने जीवन में चाहे कितनी ही दूर तक चले हो,
  • चाहे तुम कितने ही बुज़ुर्ग हो,
  • तुम्हारी यात्रा चाहे कितनी ही शेष हो,
  • तुम्हें परमेश्वर के अधिकार को पहचानना होगा,
  • वो तुम्हारा अद्वितीय स्वामी है, इसे पूरे ईमान से स्वीकारना होगा।
  • कितनी ही बड़ी हो काबिलियत किसी की,
  • दूसरों की नियति को कोई प्रभावित कर नहीं सकता,
  • आयोजित करने, बदलने या काबू करने की तो बात ही क्या।
  • इंसान की हर चीज़ पर प्रभुत्व है सिर्फ़ अद्वितीय परमेश्वर का,
  • क्योंकि इंसान की नियति पर सिर्फ़ उसी को अधिकार है शासन करने का।
  • इस तरह सिर्फ़ सृष्टिकर्ता ही स्वामी है इंसान का।

2019/05/10

परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर द्वारा इन लोगों के चुने जाने का महान अर्थ



  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • परमेश्वर द्वारा इन लोगों के चुने जाने का महान अर्थ 

  • I
  • इस धारा के व्यक्ति के रूप में,
  • तुम सबको वास्तव में ईश्वर की
  • महान योजना का, उसकी पूरी प्रबंधन योजना का,
  • उद्देश्य जानना चाहिए,
  • तथ्य जानो जो वो पहले ही पूरा कर चुका,
  • उसने क्यों लोगों के एक समूह को चुना,
  • इसके लक्ष्य और अर्थ क्या हैं,
  • और ईश्वर तुममें क्या पाना चाहता है।

2019/05/09

परमेश्वर के वचनों का एक भजन मानवजाति के प्रति परमेश्वर की करुणा निरंतर बहती है



  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • मानवजाति के प्रति परमेश्वर की करुणा निरंतर बहती है
  •  I
  • "सृष्टिकर्ता की करुणा"
  • कोई खाली जुमला नहीं है, न ही खोखला वादा है।
  • इसमें सिद्धांत और उद्देश्य हैं,
  • ये है सच्ची और वास्तविक बिन किसी भेस के।
  • उसकी दया बिन रुके मानव जाति को प्रदान की जाती है।

तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देख रहे होगे, ऐसा तब होगा जब परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नये सिरे से बना चुका होगा

तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देख रहे होगे, ऐसा तब होगा जब परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नये सिरे से बना चुका होगा क्या तुम यीशु को द...