- कलीसिया का भजन
- राज्य के नज़ारे लगते हैं नये सदा
- I
- धुंधले आसमान से चमकता है उगता सूरज पूरब में,
- लौट आया है साकार रूप लेकर
- इस जगत में मुक्तिदाता।
- राज्य-जीवन को अंगीकार कर रही है दुनिया,
- जीवंत हो उठी है हर चीज़।
- आह! अब हो गया है सवेरा।
- आह! हमारी नज़रों के सामने है रोशनी।
- साकार हुई हैं उम्मीदें दो हज़ार सालों की।
- बीत चुके हैं मायूसी के बरस, गुज़र चुके हैं ग़मों के दिन-रात।
- हालेल्लुया! हालेल्लुया!
- II
- फूल खिलकर बिखेरते हैं मधुर ख़ुश्बू,
- चक्रवाक गाते हैं ऊंचे सुरों में।
- मानव पुत्र के आगमन के ऐलान और गवाही से,
- परमेश्वर-जन अपने जज़्बात का इज़हार करते हैं,
- कहते हैं खुलकर अपने मन की बात, एक होकर सभी।
- प्रार्थना करो श्रद्धा से! गाओ सब ऊँचे सुर में!
- नमन करो सिंहासन को सभी।
- स्तुति कर रहे हैं हम परमेश्वर की। सुदूर देशों के हमारे भाई-बहनो,
- दूर के हमारे परिजनो, आओ उत्सव मनाएं।
- हालेल्लुया! हालेल्लुया!
- III
- सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंतिम मसीह ने किया है देहधारण
- और कर रहा है कार्य अपना, बीच इंसानों के।
- इंसान का न्याय करने के लिये सत्य व्यक्त करता है वो,
- शुद्ध और पूर्ण करते हैं जन-समूह को उसके वचन।
- पोषण देते हैं हमारे दिल को,
- आपूर्ति देते हमारे जीवन को परमेश्वर के वचन,
- धन्य हैं हम, मधुर हैं हम।
- ख़ुशकिस्मत है पीढ़ी हमारी जो आ गई है शरण में परमेश्वर की
- और यही है प्रेम परमेश्वर का।
- हालेल्लुया! हालेल्लुया!
- IV
- राज्य के युग में प्रवेश पाने को, तरसते हैं हम।
- उसके न्याय का अनुभव करके, बचा लिये और जीत लिये गए हैं हम।
- आभारी हैं बहुत हम परमेश्वर के, उसकी स्तुति करते हैं हम।
- पूरी सामर्थ्य से आगे बढ़ें हम।
- पूरी शक्ति से करें संघर्ष हम,
- परमेश्वर की इच्छा को पूरा करके।
- पतरस का जोश आत्मा, संघर्ष करने को
- और अब सच्चा इंसानी जीवन जीने के लिये,
- परमेश्वर की इच्छा को पूरा करने को संकल्पित हम।
- हालेल्लुया! हालेल्लुया! हालेल्लुया!
- अधिक:2019 यीशु मसीह के गीत—— क्रूस के रास्ते पर चलो——ईसाई धर्म के अनिवार्य तत्व

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