- आराधना गीत
- इरादा पक्का है परमेश्वर के अनुसरण का
- I
- परमेश्वर में आज तक आस्था रखकर,
- आख़िर देख ली है रोशनी मैंने।
- यातना और तकलीफ़ों की पथरीली राह पर चली हूँ मैं।
- तज दिया संसार ने मुझको, दोस्त भी दूर-दूर रहते हैं।
- न जाने कितनी रातें प्रार्थना में, जागकर गुज़ारी हैं मैंने।
- ग़म और ख़ुशी के न जाने, कितने आँसू बहाए हैं मैंने।
- दौड़ती रहती हूँ दिनभर, चैन कहीं न पाया मैंने।





