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2018/10/31

जो आज परमेश्वर के कार्य को जानते हैं केवल वे ही परमेश्वर की सेवा कर सकते हैं


"जो आज परमेश्वर के कार्य को जानते हैं केवल वे ही परमेश्वर की सेवा कर सकते हैं"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "परमेश्वर पर अपने विश्वास में, तुम्हें परमेश्वर को कैसे जानना चाहिए? तुम्हें परमेश्वर को उसके आज के वचनों और कार्य के आधार पर जानना चाहिए, बिना किसी विचलन या भ्रान्ति के, और अन्य सभी चीजों से पहले तुम्हें परमेश्वर के कार्य को जानना चाहिए। यही परमेश्वर को जानने का आधार है।

2018/10/24

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर के वचन के द्वारा सब कुछ प्राप्त हो जाता है" (भाग एक)


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर के वचन के द्वारा सब कुछ प्राप्त हो जाता है" (भाग एक)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "अंतिम दिनों का परमेश्वर मनुष्य को पूर्ण बनाने के लिए मुख्यतः वचनों का उपयोग करता है। वह मनुष्यों का दमन करने, या उन्हें मनाने के लिये संकेतों और चमत्कारों का उपयोग नहीं करता है; इससे परमेश्वर की सामर्थ्य को स्पष्ट नहीं किया जा सकता है।

2018/10/22

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "दुष्ट को दण्ड अवश्य दिया जाना चाहिए"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "दुष्ट को दण्ड अवश्य दिया जाना चाहिए"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "'धार्मिकता' का तात्पर्य भिक्षा देना नहीं है, इसका अर्थ अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम करना नहीं है, और इसका अर्थ लड़ाई-झगड़ा करना, बहस करना, लूटना या चोरी करना नहीं है।

2018/10/14

परमेश्वर के आत्मा का वचन "केवल पूर्ण बनाया गया ही एक सार्थक जीवन जी सकता है"


परमेश्वर के आत्मा का वचन "केवल पूर्ण बनाया गया ही एक सार्थक जीवन जी सकता है"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "जो पूर्ण बनाए जा चुके हैं वे विजय प्राप्त किए जाने के बाद सिर्फ़ आज्ञाकारिता प्राप्त करने में समर्थ नहीं होते हैं, बल्कि वे ज्ञान प्राप्त करने और अपने स्वभाव को बदलने में भी समर्थ होते हैं। वे परमेश्वर को जानते हैं, परमेश्वर को प्रेम करने के मार्ग का अनुभव करते हैं, और सत्य से भरे हुए हैं।

2018/10/01

परमेश्वर के कथन "परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों को जानना ही परमेश्वर को जानने का मार्ग है" (भाग दो)


परमेश्वर के कथन "परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों को जानना ही परमेश्वर को जानने का मार्ग है" (भाग दो)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "कार्य के तीनों चरण परमेश्वर के प्रबंधन का मुख्य केन्द्र हैं और उनमें परमेश्वर का स्वभाव और वह क्या है व्यक्त होते हैं। जो परमेश्वर के कार्य के तीनों चरणों के बारे में नहीं जानते हैं वे यह जानने में अक्षम हैं कि परमेश्वर कैसे अपने स्वभाव को व्यक्त करता है, न ही वे परमेश्वर के कार्य की बुद्धि को जानते हैं, और वे उन कई मार्गों जिनके माध्यम से वह मानवजाति को बचाता है, और सम्पूर्ण मानवजाति के लिए उसकी इच्छा से अनभिज्ञ रहता है।

2018/09/26

कलिसियाओं के लिए पवित्र आत्मा के वचन "परमेश्वर द्वारा आवासित देह का सार" (भाग चार)


कलिसियाओं के लिए पवित्र आत्मा के वचन "परमेश्वर द्वारा आवासित देह का सार" (भाग चार)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "देहधारण का अर्थ यह है कि परमेश्वर देह में प्रकट होता है, और वह अपनी सृष्टि के मनुष्यों के मध्य देह की छवि में कार्य करने आता है। इसलिए, परमेश्वर को देहधारी होने के लिए, उसे सबसे पहले देह, सामान्य मानवता वाली देह अवश्य होना चाहिए; यह, कम से कम, सत्य अवश्य होना चाहिए।

2018/09/24

कलिसियाओं के लिए पवित्र आत्मा के वचन "देहधारण के महत्व को दो देहधारण पूरा करते हैं"


कलिसियाओं के लिए पवित्र आत्मा के वचन "देहधारण के महत्व को दो देहधारण पूरा करते हैं"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "विश्व के सृजन के बाद से परमेश्वर के आत्मा ने इतना महान कार्य किया है; उसने विभिन्न युगों के दौरान, और भिन्न-भिन्न देशों में भिन्न-भिन्न कार्य किए हैं। प्रत्येक युग के लोग उसके भिन्न स्वभाव को देखते हैं, जो कि उस भिन्न कार्य के माध्यम से प्राकृतिक रूप से प्रकट होता है जिसे वह करता है।

2018/09/19

पवित्र आत्मा के वचन "तुम्हें सत्य के लिए जीना चाहिए क्योंकि तुम्हें परमेश्वर में विश्वास है"


पवित्र आत्मा के वचन "तुम्हें सत्य के लिए जीना चाहिए क्योंकि तुम्हें परमेश्वर में विश्वास है"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "परमेश्वर में विश्वास करना इतना आसान नहीं है जैसा कि मनुष्य कह सकता है। जैसे कि परमेश्वर इसे देखता है, यदि तुम्हारे पास सिर्फ़ ज्ञान है किन्तु जीवन के रूप में उसका वचन नहीं है; यदि तुम सिर्फ़ अपने स्वयं के ज्ञान तक ही सीमित हो परन्तु सत्य का अभ्यास नहीं कर सकते हो या परमेश्वर के वचन को जी नहीं सकते हो, तो तब भी यह प्रमाण है कि तुम्हारे पास परमेश्वर को प्रेम करने वाला हृदय नहीं है, और दर्शाता है कि तुम्हारा हृदय परमेश्वर से संबंधित नहीं है।

2018/09/17

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - सत्रहवाँ कथन"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - सत्रहवाँ कथन"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "सम्पूर्ण मानवजाति मेरे चेहरे को देखने की लालसा करती है, परन्तु जब मैं पृथ्वी पर व्यक्तिगत रूप से उतरता हूँ, तो वे सब मेरे आगमन के विरुद्ध हो जाते हैं, वे सभी रोशनी को आने से भगा देते हैं, मानो कि मैं स्वर्ग में मनुष्यों का शत्रु हूँ। मनुष्य अपनी आँखों में एक रक्षात्मक रोशनी के साथ मेरा स्वागत करता है और इस बात से गहराई से भयभीत होकर कि मेरे पास उसके लिए कुछ अन्य योजनाएँ हो सकती हैं, हमेशा सतर्क बना रहता है।

2018/09/11

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर सम्पूर्ण मानवजाति के भाग्य का नियन्ता है"



सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर सम्पूर्ण मानवजाति के भाग्य का नियन्ता है"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "यदि तुम एक सच्चे ईसाई हो, तो तुम निश्चय ही इस बात पर विश्वास करोगे कि किसी भी देश या राष्ट्र का उत्थान या पतन परमेश्वर की योजना के अनुसार होता है। केवल परमेश्वर ही किसी देश या राष्ट्र के भाग्य को जानता है और केवल परमेश्वर ही इस मानवजाति के जीवन के ढंग को नियंत्रित करता है।

2018/09/07

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "क्या आप जाग उठे हैं?"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "क्या आप जाग उठे हैं?"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "अगर लोग जीवित प्राणी बनना चाहते हैं, और परमेश्वर के गवाह बनना चाहते हैं, और परमेश्वर का अनुमोदन प्राप्त करना चाहते हैं, तो उन्हें परमेश्वर के उद्धार को स्वीकार करना होगा, उन्हें आनंदपूर्वक उसके न्याय व ताड़ना के प्रति समर्पित होना होगा, और आनंदपूर्वक परमेश्वर की काट-छांट और बर्ताव को स्वीकार करना होगा।

2018/09/05

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "एक वास्तविक मनुष्य होने का क्या अर्थ है"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "एक वास्तविक मनुष्य होने का क्या अर्थ है"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "तुम्हें पता होना चाहिए, कि जिन मनुष्यों का मैंने सृजन किया था वे पवित्र मनुष्य थे जो मेरी छवि और मेरी महिमा को धारण करते थे। वे शैतान से संबंधित नहीं थे, न ही वे इससे कुचले जाने के अधीन थे, बल्कि, शैतान के ज़रा से भी ज़हर से मुक्त, शुद्ध रूप से मेरी ही अभिव्यक्ति थे।

2018/08/30

परमेश्वर के कथन "परमेश्वर में अपने विश्वास में तुम्हें परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन करना चाहिए"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर में अपने विश्वास में तुम्हें परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन करना चाहिए"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "नए प्रकाश की सराहना करना, उसे स्वीकार करने में समर्थ होना और उसे अभ्यास में लाना ही परमेश्वर के प्रति आज्ञाकारिता की कुंजी है। केवल यही सच्ची आज्ञाकारिता है।......

2018/08/25

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "केवल परमेश्वर के प्रबंधन के मध्य ही मनुष्य बचाया जा सकता है"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "केवल परमेश्वर के प्रबंधन के मध्य ही मनुष्य बचाया जा सकता है"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "और ऐसा इसलिए है क्योंकि मनुष्य को मानवजाति के लिए परमेश्वर के द्वारा किए गए उद्धार के कार्य की महत्ता और परमेश्वर के प्रबंधकारणीय कार्य की महत्ता की समझ नहीं है, और वह यह नहीं समझता कि परमेश्वर अंततः मनुष्य को कैसा बनते देखना चाहता है। क्या शैतान के दोष से रहित आदम और हव्वा के समान? नहीं!

2018/08/21

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर के वचन के द्वारा सब कुछ प्राप्त हो जाता है"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर के वचन के द्वारा सब कुछ प्राप्त हो जाता है"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "अंतिम दिनों का परमेश्वर मनुष्य को पूर्ण बनाने के लिए मुख्यतः वचनों का उपयोग करता है। वह मनुष्यों का दमन करने, या उन्हें मनाने के लिये संकेतों और चमत्कारों का उपयोग नहीं करता है; इससे परमेश्वर की सामर्थ्य को स्पष्ट नहीं किया जा सकता है।

2018/08/17

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर का कार्य और मनुष्य का काम" (भाग एक)


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर का कार्य और मनुष्य का काम" (भाग एक)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "जो कुछ मनुष्य देखता, अनुभव करता, और कल्पना कर सकता है उसे वह अभिव्यक्त करता है। भले ही ये सिद्धान्त या धारणाएं हों, इन सभी तक मनुष्य की सोच पहुंच सकती है। मनुष्य के कार्य के आकार की परवाह किए बगैर, यह मनुष्य के अनुभव के दायरे, जो मनुष्य देखता है, या जिसकी मनुष्य कल्पना या जिसका विचार कर सकता है उनसे बढ़कर नहीं हो सकता है।

2018/08/05

जो परमेश्वर को और उसके कार्य को जानते हैं केवल वे ही परमेश्वर को सन्तुष्ट कर सकते हैं


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "जो परमेश्वर को और उसके कार्य को जानते हैं केवल वे ही परमेश्वर को सन्तुष्ट कर सकते हैं"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "परमेश्वर पर विश्वास करना और परमेश्वर के ज्ञान का अनुसरण करना आसान बात नहीं है। इन्हें केवल एक साथ इकट्ठे होने और उपदेश सुनने के द्वारा प्राप्त नहीं किया जा सकता है, और केवल ज़ुनून के द्वारा तुम्हें पूर्ण नहीं किया जा सकता है।

2018/08/04

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "सहस्राब्दि राज्य आ चुका है"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "सहस्राब्दि राज्य आ चुका है"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "पृथ्वी पर सहस्राब्दि राज्य का आगमन ही पृथ्वी पर परमेश्वर के वचनों का आगमन है। नए यरूशलेम का स्वर्ग से अवरोहण मनुष्य के बीच में रहने, मनुष्य की प्रत्येक क्रिया और उसके अंतरतम विचारों में साथ देने के लिए, परमेश्वर के वचन का आगमन है।

2018/07/30

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "व्यवस्था के युग में कार्य"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "व्यवस्था के युग में कार्य"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "व्यवस्था के युग के दौरान, यहोवा ने मूसा के लिए अनेक आज्ञाएँ निर्धारित की कि वह उन्हें उन इस्राएलियों के लिए आगे बढ़ा दे जिन्होंने मिस्र से बाहर उसका अनुसरण किया था।……

2018/07/28

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर और मनुष्य एक साथ विश्राम में प्रवेश करेंगे" (भाग एक)


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर और मनुष्य एक साथ विश्राम में प्रवेश करेंगे" (भाग एक)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "जैसे मनुष्य में विश्राम का अभाव है, वैसे ही परमेश्वर में भी है। जब परमेश्वर पुनः विश्राम में प्रवेश करेगा, तो मनुष्य भी विश्राम में प्रवेश करेगा। विश्राम में जीवन बिना युद्ध, बिना गंदगी और लगातार बनी रहने वाली अधार्मिकता के बिना है।

तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देख रहे होगे, ऐसा तब होगा जब परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नये सिरे से बना चुका होगा

तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देख रहे होगे, ऐसा तब होगा जब परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नये सिरे से बना चुका होगा क्या तुम यीशु को द...