- परमेश्वर के वचनों का एक भजन
- सबसे बड़ी आशीष जो ईश्वर मानव को प्रदान करता है
- I
- परमेश्वर के शब्दों के समापन के साथ, उसका साम्राज्य है बन रहा।
- फिर से मानव के होने से सामान्य, प्रभु का साम्राज्य बना।
- साम्राज्य में रहते परमेश्वर के जन, फिर पाओगे तुम मनुष्योचित जीवन।
- आज, तुम जीते हो प्रभु के समक्ष; उसके साम्राज्य में जिओगे तुम कल।
- आनंद – सौहार्द से भरी धरती सारी।
- धरती पर प्रभु का साम्राज्य बना। धरती पर प्रभु का साम्राज्य बना।

