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2019/06/01

परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर की विजय के प्रतीक



  • परमेश्वर की विजय के प्रतीक

  •  I
  • मानव फिर से वही हो गया, जैसा वो आरंभ में था।
  • वो अपना फ़र्ज़ निभा सकते हैं, अपनी जगह रख सकते हैं,
  • परमेश्वर की व्यवस्था का पालन कर सकते हैं।
  • परमेश्वर का होगा ऐसा समूह, जो धरती पर उसको पूजे।
  • बना लेगा वो ऐसा राज्य भी, जो धरती पर भी उसको पूजे।
  • बना लेगा वो ऐसा राज्य भी, जो धरती पर भी उसको पूजे।

2019/05/18

परमेश्वर के वचनों का एक भजन सृष्टिकर्ता के अधिकार का असली मूर्त रूप



  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • सृष्टिकर्ता के अधिकार का असली मूर्त रूप 

  • I
  • दुनिया और इंसान की नियति,
  • रचयिता के प्रभुत्व से जुड़ी है गहराई से,
  • अलग हो नहीं सकती रचयिता के आयोजन से,
  • अटूट बंधन है इसका रचयिता के अधिकार से।
  • तमाम चीज़ों के कानूनों से समझता है इंसा,
  • रचयिता के आयोजन और सत्ता को;
  • जीवित रहने के नियमों से महसूस करता है इंसा,
  • परमेश्वर के शासन को;

2019/05/02

1. सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही एक सच्चा परमेश्वर है जो सभी चीज़ों पर शासन करता है।


परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
मनुष्य नहीं जानता कि ब्रह्मांड की सत्ता किसके पास है, मानवजाति की उत्पत्ति और भविष्य तो वह बिल्कुल नहीं जानती। मानवजाति सिर्फ मजबूरन इन नियमों के अधीन रहती है। न तो इससे कोई बच सकता है और न ही कोई इसे बदल सकता है, क्योंकि इन सबके मध्य और स्वर्ग में केवल एक ही शाश्वत सत्ता है जो सभी पर अपनी सम्प्रभुता रखती है। और ये वह है जिसे कभी भी मनुष्य ने देखा नहीं है, जिसे मानवजाति ने कभी जाना नहीं है, जिसके

2019/04/25

परमेश्वर सम्पूर्ण मानवजाति के भाग्य का नियन्ता है

परमेश्वर सम्पूर्ण मानवजाति के भाग्य का नियन्ता है

मानवजाति का सदस्य और सच्चे ईसाई होने के नाते, अपने मन और शरीर को परमेश्वर के आदेश को पूरा करने के लिए समर्पित करना हम सभी की ज़िम्मेदारी और दायित्व है, क्योंकि हमारा सम्पूर्ण अस्तित्व परमेश्वर से आया है, और यह परमेश्वर की संप्रभुता के कारण अस्तित्व में है। यदि हमारे मन और शरीर परमेश्वर के आदेश के लिए नहीं हैं और मानवजाति के धर्मी कार्य के लिए नहीं हैं, तो हमारी आत्माएँ उन लोगों के योग्य नहीं हैं जो परमेश्वर के आदेश के लिए शहीद हुए हैं, परमेश्वर के लिए तो और भी अधिक अयोग्य हैं, जिसने हमें सब कुछ प्रदान किया है।

2019/04/22

मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है X सब वस्तुओं के जीवन का स्रोत परमेश्वर है (IV)" (भाग चार)


मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है

X सब वस्तुओं के जीवन का स्रोत परमेश्वर है (IV)" (भाग चार)

इस वीडियो में परमेश्वर के वचन "वचन देह में प्रकट होता है" पुस्तक से हैं। इस वीडियो की सामग्री: मनुष्य से परमेश्वर की अपेक्षाएँ 1. स्वयं परमेश्वर की पहचान और हैसियत 2. परमेश्वर के प्रति मनुष्य की विभिन्न प्रवृत्तियाँ 3. वह दृष्टिकोण जो परमेश्वर अपेक्षा करता है कि उसके प्रति मनुष्यजाति का होना चाहिए

2019/04/21

"स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है IX परमेश्वर सभी चीज़ों के लिए जीवन का स्रोत है (III)" (भाग दो)


मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है

IX परमेश्वर सभी चीज़ों के लिए जीवन का स्रोत है (III)" (भाग दो)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "सभी चीज़ों को परमेश्वर के शासन से अलग नहीं किया जा सकता है, और न ही एक अकेला व्यक्ति स्वयं को उसके शासन से अलग कर सकता है। उसके नियम को खोने और उसके प्रयोजनों को खोने का
अर्थ होगा कि लोगों का जीवन, अर्थात् देह में लोगों का जीवन लुप्त हो जाएगा।
यह मानवजाति के लिए जीवित रहने हेतु परमेश्वर द्वारा स्थापित विभिन्न वातावरण का महत्व है। इससे फर्क नहीं पड़ता कि तुम किस जाति के हो या तुम भूमि के किस हिस्से पर रहते हो, चाहे पश्चिम में हो या पूर्व में- तुम जीवित रहने के लिए उस वातावरण से अपने आपको अलग नहीं कर सकते हो जिसे परमेश्वर ने मानवजाति के लिए स्थापित किया है, और तुम जीवित रहने के लिए उस वातावरण के पोषण और प्रयोजनों से अपने आपको अलग नहीं कर सकते हो जिसे उसने मनुष्यों के लिए स्थापित किया है। कोई फर्क नहीं पड़ता कि तुम्हारी आजीविका क्या है, तुम जीने के लिए किस पर आश्रित हो, और देह में अपने जीवन को बनाए रखने के लिए तुम किस पर आश्रित हो, क्योंकि तुम स्वयं को परमेश्वर के शासन और प्रबंधन से अलग नहीं कर सकते हो।"

2019/04/16

Hindi Gospel Video "वार्तालाप" क्लिप 1 - सीसीपी ईसाइयों को इस कदर क्यों सता रही है?

Hindi Gospel Video "वार्तालाप" क्लिप 1

- सीसीपी ईसाइयों को इस कदर क्यों सता रही है?

      चीनी संविधान में साफ़ तौर पर लिखा है कि सभी को धर्म की आज़ादी है, लेकिन पर्दे के पीछे, सरकार ईसाइयों की आस्था को कुचलने और उन्हें भयंकर यातनाएँ देने के लिए विशाल मानवीय और वित्तीय संसाधन खर्च कर रही है। सीसीपी सरकार ने ईसाइयों पर निगरानी रखने, पता लगाने और गिरफ्तार करने के लिये बेहद आधुनिक निगरानी तकनीक ख़रीद कर ही संतोष नहीं किया, बल्कि उसने नागरिकों से उनकी आस्था की आज़ादी का अधिकार भी छीन लिया और विश्वासियों को निर्दयतापूर्वक उनकी रोज़ी-रोटी से भी वंचित कर दिया। आख़िर ये सब करने के पीछे सीसीपी का असली मकसद और वजह क्या है?

2019/04/06

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VI परमेश्वर की पवित्रता (III)" (भाग दो)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर,

जो अद्वितीय है VI परमेश्वर की पवित्रता (III)" (भाग दो)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "प्रसिद्धि एवं लाभ के लिए मनुष्य के लोभी खोज के साथ, वे निरन्तर वैज्ञानिक अन्वेषण एवं गहरे अनुसंधान को क्रियान्वित करते रहते हैं, तो वे लगातार अपनी स्वयं की भौतिक आवश्यकताओं एवं काम वासना को संतुष्ट करते रहते हैं; फिर मनुष्य के लिए इसके क्या नतीजे हैं? सबसे पहले अब आगे से कोई पर्यावरणीय संतुलन नहीं रहा और, इसके साथ ही साथ, इस प्रकार के वातावरण के द्वारा समस्त मानवजाति के शरीरों को दूषित एवं क्षतिग्रस्त कर दिया गया है, और विभिन्न संक्रमित रोग, विपदाएँ, एवं धुंध हर

2019/03/21

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VIII परमेश्वर सभी चीज़ों के लिए जीवन का स्रोत है (II)" (भाग दो)



अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VIII

परमेश्वर सभी चीज़ों के लिए जीवन का स्रोत है (II)" (भाग दो)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "परमेश्वर और मनुष्यों के बीच में सबसे बड़ा अन्तर है कि परमेश्वर सभी चीज़ों के ऊपर शासन करता है और सभी चीज़ों की आपूर्ति करता है। परमेश्वर प्रत्येक चीज़ का स्रोत है, और मानवजाति सभी चीज़ों का आनन्द उठाता है जबकि परमेश्वर उनकी आपूर्ति करता है। दूसरे शब्दों में, मानवजाति तब सभी चीज़ों का आनन्द उठाता है जब वह उस जीवन का स्वीकार कर लेता है जिसे परमेश्वर सभी चीज़ों को प्रदान करता है।

तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देख रहे होगे, ऐसा तब होगा जब परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नये सिरे से बना चुका होगा

तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देख रहे होगे, ऐसा तब होगा जब परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नये सिरे से बना चुका होगा क्या तुम यीशु को द...