- आराधना गीत
- इरादा पक्का है परमेश्वर के अनुसरण का
- I
- परमेश्वर में आज तक आस्था रखकर,
- आख़िर देख ली है रोशनी मैंने।
- यातना और तकलीफ़ों की पथरीली राह पर चली हूँ मैं।
- तज दिया संसार ने मुझको, दोस्त भी दूर-दूर रहते हैं।
- न जाने कितनी रातें प्रार्थना में, जागकर गुज़ारी हैं मैंने।
- ग़म और ख़ुशी के न जाने, कितने आँसू बहाए हैं मैंने।
- दौड़ती रहती हूँ दिनभर, चैन कहीं न पाया मैंने।
- आज़ादी महज़ नाम को है,
- इंसान का हक न देखा मैंने।
- शैतान से बेइंतिहा नफ़रत है मुझे,
- मसीह आए, संभाले सत्ता, इंतज़ार है मुझे।
- इंसानी ज़िंदगी की रोशनी तलाश करूँ मैं,
- दुनिया की बुराई और अंधेरे, मजबूर कर रहे हैं मुझे।
- सच्चाई है, रास्ता है, ज़िंदगी है मसीह,
- आख़िरी साँस तक उसे मानती रहूंगी मैं।
- इंसानी ज़िंदगी की रोशनी तलाश करूँ मैं,
- दुनिया की बुराई और अंधेरे, मजबूर कर रहे हैं मुझे।
- सच्चाई है, रास्ता है, ज़िंदगी है मसीह,
- आख़िरी साँस तक उसे मानती रहूंगी मैं।
- II
- गिरा दिया है चरवाहे को परमेश्वर ने,
- बड़े इम्तहानों से गुज़र रहे हैं हम।
- हवाओं में ख़ौफ़ छाया है,
- आसमां में काले बादल घिर रहे हैं।
- शेर की माँद में जा गिरी हूँ कितनी बार,
- मौत के पँजों से बचकर निकली हूँ मैं।
- परमेश्वर के वचनों ने दिलासा दी है,
- उसी के वचनों ने दिल को शक्ति दी है।
- यातना, तकलीफ़ और दुख सहकर,
- जानती हूँ परमेश्वर ही प्यारा है मुझे।
- हर चीज़ पर अधिकार है परमेश्वर का,
- मगर इन्सान का विश्वास दयनीय है।
- इम्तहान की भट्टी से गुज़रकर,
- बहुत कुछ पाता है इंसान।
- देखती हूँ शैतान का सार मैं,
- बड़े लाल अजगर से और घृणा करती हूँ।
- अनगिनत रूहों को दूषित किया, निगल लिया,
- अधम और बेरहम बड़े लाल अजगर ने।
- आसान नहीं है सच और ज़िंदगी को पाना,
- परमेश्वर के लिये मुझे अपने प्यार को दुगुना करना होगा,
- उसके दिल को सुकून देना होगा।
- अनगिनत रूहों को दूषित किया, निगल लिया,
- अधम और बेरहम बड़े लाल अजगर ने।
- आसान नहीं है सच और ज़िंदगी को पाना,
- परमेश्वर के लिये मुझे अपने प्यार को दुगुना करना होगा,
- उसके दिल को सुकून देना होगा,
- उसके दिल को सुकून देना होगा।
- III
- परमेश्वर के काम को याद करती हूँ,
- वो मुझे प्यारा है, गहराई से महसूस करती हूँ।
- परमेश्वर के न्याय को स्वीकार करके,
- बदल गया है स्वभाव मेरा।
- शुद्धिकरण और ताड़ना की मुश्किलें,
- देती हैं परमेश्वर का ज्ञान गहरा।
- विश्वास रख पाना सर्वशक्तिमान परमेश्वर में,
- आनंददायक बात है वास्तव में।
- सच्चे परमेश्वर के लिये सहयोग देकर,
- पा लिया है सुकून मेरे दिल ने।
- वफ़ादारी से अपना फ़र्ज़ निभाकर,
- मुश्किलें हैं मगर, ख़ुश हूँ मैं।
- इंसान की ज़िंदगी छोटी है बहुत,
- सबसे बड़ा वरदान है परमेश्वर से मोहब्बत करना।
- देता है मेरे दिल को सुकूँ, परमेश्वर की सेवा कर पाना।
- सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने ही बचाया है मुझे,
- उसी ने दी है सच्चे इंसान की ज़िंदगी मुझे।
- मेरा सबसे प्रिय सपना साकार हुआ है,
- और चली जाऊंगी मैं कल के सफ़र में।
- सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने ही बचाया है मुझे,
- उसी ने दी है सच्चे इंसान की ज़िंदगी मुझे।
- मेरा सबसे प्रिय सपना साकार हुआ है,
- और चली जाऊंगी मैं कल के सफ़र में,
- और चली जाऊंगी मैं कल के सफ़र में।
- "मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना" से

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें