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2019/06/10

इरादा पक्का है परमेश्वर के अनुसरण का



  • आराधना गीत
  • इरादा पक्का है परमेश्वर के अनुसरण का

  •  I
  • परमेश्वर में आज तक आस्था रखकर,
  • आख़िर देख ली है रोशनी मैंने।
  • यातना और तकलीफ़ों की पथरीली राह पर चली हूँ मैं।
  • तज दिया संसार ने मुझको, दोस्त भी दूर-दूर रहते हैं।
  • न जाने कितनी रातें प्रार्थना में, जागकर गुज़ारी हैं मैंने।
  • ग़म और ख़ुशी के न जाने, कितने आँसू बहाए हैं मैंने।
  • दौड़ती रहती हूँ दिनभर, चैन कहीं न पाया मैंने।
  • आज़ादी महज़ नाम को है,
  • इंसान का हक न देखा मैंने।
  • शैतान से बेइंतिहा नफ़रत है मुझे,
  • मसीह आए, संभाले सत्ता, इंतज़ार है मुझे।
  • इंसानी ज़िंदगी की रोशनी तलाश करूँ मैं,
  • दुनिया की बुराई और अंधेरे, मजबूर कर रहे हैं मुझे।
  • सच्चाई है, रास्ता है, ज़िंदगी है मसीह,
  • आख़िरी साँस तक उसे मानती रहूंगी मैं।
  • इंसानी ज़िंदगी की रोशनी तलाश करूँ मैं,
  • दुनिया की बुराई और अंधेरे, मजबूर कर रहे हैं मुझे।
  • सच्चाई है, रास्ता है, ज़िंदगी है मसीह,
  • आख़िरी साँस तक उसे मानती रहूंगी मैं।
  • II
  • गिरा दिया है चरवाहे को परमेश्वर ने,
  • बड़े इम्तहानों से गुज़र रहे हैं हम।
  • हवाओं में ख़ौफ़ छाया है,
  • आसमां में काले बादल घिर रहे हैं।
  • शेर की माँद में जा गिरी हूँ कितनी बार,
  • मौत के पँजों से बचकर निकली हूँ मैं।
  • परमेश्वर के वचनों ने दिलासा दी है,
  • उसी के वचनों ने दिल को शक्ति दी है।
  • यातना, तकलीफ़ और दुख सहकर,
  • जानती हूँ परमेश्वर ही प्यारा है मुझे।
  • हर चीज़ पर अधिकार है परमेश्वर का,
  • मगर इन्सान का विश्वास दयनीय है।
  • इम्तहान की भट्टी से गुज़रकर,
  • बहुत कुछ पाता है इंसान।
  • देखती हूँ शैतान का सार मैं,
  • बड़े लाल अजगर से और घृणा करती हूँ।
  • अनगिनत रूहों को दूषित किया, निगल लिया,
  • अधम और बेरहम बड़े लाल अजगर ने।
  • आसान नहीं है सच और ज़िंदगी को पाना,
  • परमेश्वर के लिये मुझे अपने प्यार को दुगुना करना होगा,
  • उसके दिल को सुकून देना होगा।
  • अनगिनत रूहों को दूषित किया, निगल लिया,
  • अधम और बेरहम बड़े लाल अजगर ने।
  • आसान नहीं है सच और ज़िंदगी को पाना,
  • परमेश्वर के लिये मुझे अपने प्यार को दुगुना करना होगा,
  • उसके दिल को सुकून देना होगा,
  • उसके दिल को सुकून देना होगा।
  • III
  • परमेश्वर के काम को याद करती हूँ,
  • वो मुझे प्यारा है, गहराई से महसूस करती हूँ।
  • परमेश्वर के न्याय को स्वीकार करके,
  • बदल गया है स्वभाव मेरा।
  • शुद्धिकरण और ताड़ना की मुश्किलें,
  • देती हैं परमेश्वर का ज्ञान गहरा।
  • विश्वास रख पाना सर्वशक्तिमान परमेश्वर में,
  • आनंददायक बात है वास्तव में।
  • सच्चे परमेश्वर के लिये सहयोग देकर,
  • पा लिया है सुकून मेरे दिल ने।
  • वफ़ादारी से अपना फ़र्ज़ निभाकर,
  • मुश्किलें हैं मगर, ख़ुश हूँ मैं।
  • इंसान की ज़िंदगी छोटी है बहुत,
  • सबसे बड़ा वरदान है परमेश्वर से मोहब्बत करना।
  • देता है मेरे दिल को सुकूँ, परमेश्वर की सेवा कर पाना।
  • सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने ही बचाया है मुझे,
  • उसी ने दी है सच्चे इंसान की ज़िंदगी मुझे।
  • मेरा सबसे प्रिय सपना साकार हुआ है,
  • और चली जाऊंगी मैं कल के सफ़र में।
  • सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने ही बचाया है मुझे,
  • उसी ने दी है सच्चे इंसान की ज़िंदगी मुझे।
  • मेरा सबसे प्रिय सपना साकार हुआ है,
  • और चली जाऊंगी मैं कल के सफ़र में,
  • और चली जाऊंगी मैं कल के सफ़र में।
  •  
  • "मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना" से

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