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2019/06/18

परमेश्वर के वचनों का एक भजन इंसान के लिए परमेश्वर के प्रबंध के मायने



  • इंसान के लिए परमेश्वर के प्रबंध के मायने

  • I
  • प्रबंधन ईश्वर का ऐसे लोगों को प्राप्त करने के लिए है
  • जो उसके अधीन रहें और आराधना करें।
  • यह मानवजाति, शैतान द्वारा भ्रष्ट की हुई,
  • अब और उसे पिता जैसे नहीं देखती।
  • वे जानते हैं उसका बुरा चेहरा, त्यागते हैं
  • और स्वीकारते हैं ईश्वर का न्याय और ताड़ना।
  • वे जानते हैं क्या बुरा है, और वो पवित्र से कैसे जुदा है।
  • वे पहचानते हैं ईश्वर की महानता और शैतान की बुराई।
  • वे अब और काम, आराधना या प्रतिष्ठा शैतान की नहीं करेंगे,
  • क्योंकि वे उन लोगों का समूह है
  • जिन्हें वास्तव में ईश्वर ने प्राप्त किया है।
  • ये है मतलब मानवजाति के लिए ईश्वर के प्रबंधन का।
  • II
  • जब ईश्वर अपना प्रबंधन कार्य करता है,
  • मानव शैतान के भ्रष्टाचार का मुख्य केंद्र है
  • और ईश्वर के उद्धार का,
  • और वो है जिसके लिए वे दोनों लड़ते हैं।
  • जब ईश्वर अपना प्रबंधन कार्य करता है,
  • वह धीरे-धीरे मानव को शैतान के चंगुल से छुड़ाता है।
  • इस तरह मानव ईश्वर के क़रीब आ जाता है।
  • वे जानते हैं क्या बुरा है, और वो पवित्र से कैसे जुदा है।
  • वे पहचानते हैं ईश्वर की महानता और शैतान की बुराई।
  • वे अब और काम, आराधना या प्रतिष्ठा शैतान की नहीं करेंगे,
  • क्योंकि वे उन लोगों का समूह है
  • जिन्हें वास्तव में ईश्वर ने प्राप्त किया है।
  • ये है मतलब मानवजाति के लिए ईश्वर के प्रबंधन का।
  • ये है मतलब मानवजाति के लिए ईश्वर के प्रबंधन का।
  • ये है मतलब मानवजाति के लिए ईश्वर के प्रबंधन का।
  •  
  • "वचन देह में प्रकट होता है" से
  • अधिक:परमेश्वर के भजन - चुने हुए भजनों को सूची - परमेश्वर प्रेम को ब्यक्त करना

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