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2019/06/16

केवल पूर्ण बनाया गया ही एक सार्थक जीवन जी सकता है

सर्वशक्तिमान परमेश्वर-केवल पूर्ण बनाया गया ही एक सार्थक जीवन जी सकता है

वास्तव में, जो कार्य अब किया जा रहा है वह लोगों से शैतान का त्याग करवाने, उनके पुराने पूर्वजों का त्याग करवाने के लिए किया जा रहा है। वचन के द्वारा सभी न्यायों का उद्देश्य मानवता के भ्रष्ट स्वभाव को उजागर करना है और लोगों को जीवन का सार समझने में समर्थ बनाना है। ये बार-बार के न्याय मनुष्य के हदयों को छेद देते हैं। प्रत्येक न्याय सीधे उनके भाग्य पर प्रभाव डालता है और उनके हृदयों को घायल करने के आशय से है ताकि वे उन सभी बातों को जाने दें और फलस्वरूप जीवन के बारे में जान जाएँ, इस गंदी दुनिया को

2019/06/15

उपाधियों और पहचान के सम्बन्ध में

उपाधियों और पहचान के सम्बन्ध में

यदि तुम परमेश्वर द्वारा उपयोग के लिए उपयुक्त होने की कामना करते हो; तो तुम्हें परमेश्वर के कार्य के बारे में अवश्य जानना चाहिए; तुम्हें उस कार्य को अवश्य जानना चाहिए जो उसने पहले किया था (नए और पुराने नियमों में); और, इसके अतिरिक्त, तुम्हें उसके वर्तमान कार्य को अवश्य जानना चाहिए। कहने का तात्पर्य है, तुम्हें 6,000 वर्षों के परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों को अवश्य जानना चाहिए। यदि तुम्हें सुसमाचार फैलाने के लिए कहा जाता है, तो तुम परमेश्वर के कार्य को जाने बिना ऐसा करने में समर्थ नहीं होगे। कोई तुमसे

2019/06/14

तुम्हें पता होना चाहिए कि समस्त मानवजाति आज के दिन तक कैसे विकसित हुई

6000 वर्षों के दौरान कार्य की समग्रता समय के साथ धीरे-धीरे बदल गई है। इस कार्य में बदलाव समस्त संसार की परिस्थितियों के अनुसार हुए हैं। परमेश्वर का प्रबंधन का कार्य केवल मानवजाति के पूर्णरूपेण विकास की प्रवृत्ति के अनुसार धीरे-धीरे रूपान्तरित हुआ है; सृष्टि के आरंभ में इसकी पहले से योजना नहीं बनाई गई थी। संसार का सृजन करने से पहले, या इसके सृजन के ठीक बाद, यहोवा ने अभी तक कार्य के प्रथम चरण, व्यवस्था की; कार्य के दूसरे चरण—अनुग्रह की; और कार्य के तीसरे चरण—जीतने की योजना नहीं

2019/06/13

छुटकारे के युग में कार्य के पीछे की सच्ची कहानी

छुटकारे के युग में कार्य के पीछे की सच्ची कहानी

मेरी सम्पूर्ण प्रबन्धन योजना, ऐसी योजना जो छः हज़ार सालों तक फैली हुई है, तीन चरणों या तीन युगों को शामिल करती हैः आरंभ में व्यवस्था का युग; अनुग्रह का युग (जो छुटकारे का युग भी है); और अंत के दिनों में राज्य का युग। प्रत्येक युग की प्रकृति के अनुसार मेरा कार्य इन तीनों युगों में तत्वतः अलग-अलग है, परन्तु प्रत्येक चरण में यह मनुष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप है—या बल्कि, अधिक स्पष्ट कहें तो, यह उन छलकपटों के अनुसार किया जाता है जो शैतान उस युद्ध में काम में लाता है जो मैं उसके विरुद्ध शुरू करता

2019/06/12

व्यवस्था के युग का कार्य

व्यवस्था के युग का कार्य

वह कार्य जो यहोवा ने इस्राएलियों पर किया, उसने मानवजाति के बीच पृथ्वी पर परमेश्वर के मूल स्थान को स्थापित किया जो कि वह पवित्र स्थान भी था जहाँ वह उपस्थित रहता था। उसने अपने कार्य को इस्राएल के लोगों तक ही सीमित रखा। आरम्भ में, उसने इस्राएल के बाहर कार्य नहीं किया; उसके बजाए, उसने ऐसे लोगों को चुना जिन्हें उसने अपने कार्यक्षेत्र को सीमित रखने के लिए उचित पाया। इस्राएल वह जगह है जहाँ परमेश्वर ने आदम और हव्वा की रचना की, और उस जगह की धूल से यहोवा ने मनुष्य को बनाया; यह स्थान पृथ्वी पर उसके कार्य का आधार बन गया। इस्राएली, जो नूह के वंशज थे, और आदम के भी वंशज थे, पृथ्वी पर यहोवा के कार्य की मानवीय बुनियाद थे।

2019/06/11

राज्य के नज़ारे लगते हैं नये सदा



  • कलीसिया का भजन
  • राज्य के नज़ारे लगते हैं नये सदा

  •  I
  • धुंधले आसमान से चमकता है उगता सूरज पूरब में,
  • लौट आया है साकार रूप लेकर
  • इस जगत में मुक्तिदाता।
  • राज्य-जीवन को अंगीकार कर रही है दुनिया,
  • जीवंत हो उठी है हर चीज़।
  • आह! अब हो गया है सवेरा।
  • आह! हमारी नज़रों के सामने है रोशनी।
  • साकार हुई हैं उम्मीदें दो हज़ार सालों की।

2019/06/10

इरादा पक्का है परमेश्वर के अनुसरण का



  • आराधना गीत
  • इरादा पक्का है परमेश्वर के अनुसरण का

  •  I
  • परमेश्वर में आज तक आस्था रखकर,
  • आख़िर देख ली है रोशनी मैंने।
  • यातना और तकलीफ़ों की पथरीली राह पर चली हूँ मैं।
  • तज दिया संसार ने मुझको, दोस्त भी दूर-दूर रहते हैं।
  • न जाने कितनी रातें प्रार्थना में, जागकर गुज़ारी हैं मैंने।
  • ग़म और ख़ुशी के न जाने, कितने आँसू बहाए हैं मैंने।
  • दौड़ती रहती हूँ दिनभर, चैन कहीं न पाया मैंने।

तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देख रहे होगे, ऐसा तब होगा जब परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नये सिरे से बना चुका होगा

तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देख रहे होगे, ऐसा तब होगा जब परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नये सिरे से बना चुका होगा क्या तुम यीशु को द...