इस दुनिया में अपनी जगह बनाने के लिये, नायिका को इस जगत की रीत पर चलना पड़ा, शोहरत और हैसियत पाने के लिये भाग-दौड़ और कड़ी मेहनत करने लगी। उनका जीवन सूना और पीड़ादायी हो गया। जब से वे सर्वशक्तिमान परमेश्वर को मानने लगी, तब से सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों में उन्हें जीवन की सार्थकता दिखने लगी और वे प्रसन्न रहने लगी। वे परमेश्वर का अनुसरण करती और अपनी ज़िम्मेदारियां पूरी करती। मगर चूँकि उनके दिल पर अभी भी
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तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देख रहे होगे, ऐसा तब होगा जब परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नये सिरे से बना चुका होगा
तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देख रहे होगे, ऐसा तब होगा जब परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नये सिरे से बना चुका होगा क्या तुम यीशु को द...
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