मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है: परमेश्वर का अधिकार" (उद्धरण, मंच संस्करण)
सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं "यद्यपि मानवजाति शैतान के अत्याचार की आधीनता में आ गयी थी, और वे अब सृष्टि के प्रारम्भ के आदम और हव्वा नहीं थे, और ऐसी चीज़ों से भरपूर होने के बावजूद भी जो परमेश्वर के विरूद्ध हैं, जैसे ज्ञान, कल्पनाएँ, विचार, और इत्यादि, और भ्रष्ट शैतानी स्वभाव से भरपूर होने के बावजूद भी, परमेश्वर की दृष्टि में मानवजाति अभी भी वही मानवजाति थी जिसे उसने सृजा था।