भ्रष्ट मानवता की त्रासदी
भ्रष्ट मानवता की त्रासदी।
युगों युगों से इंसान, परमेश्वर के संग चला है,
युगों युगों से इंसान, परमेश्वर के संग चला है,
मगर इंसान जानता नहीं,
तकदीर जीवों की, है अधिकार में परमेश्वर के,
कैसे सदियों से सबकुछ परमेश्वर ही, आयोजित, निर्देशित करता आ रहा है।