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2018/12/19

"धन्‍य हैं वे, जो मन के दीन हैं" (3) - बचाए जाने और उद्धार के बीच अंतर कैसे करें


Hindi Christian Video Clip "धन्‍य हैं वे, जो मन के दीन हैं" (3) - बचाए जाने और उद्धार के बीच अंतर कैसे करें

धार्मिक संसार में बहुत से लोग हैं जो मानते हैं कि प्रभु में विश्वासी हम लोग अपने पापों से दोषमुक्त होकर उनके अनुग्रह से बचाए जा चुके हैं, और हम क्रूस को धारण करते और बहुत सा अच्‍छा व्यवहार करते हुए, नम्रता और धैर्यपूर्ण व्‍यवहार करते हैं, तो क्‍या इसका मतलब यह है कि हम बदलाव पा चुके है? उनका मानना है कि, अगर हम हमेशा इस तरह से अपने विश्वास पर कायम रह सकते हैं, तो अंत में हम स्वर्गारोहित किए जाएंगे और स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर पाएंगे। क्या वास्तव में ये तथ्य ऐसे ही हैं? क्या अच्‍छे व्‍यवहार में हमारा विश्वास ही उद्धार का प्रतिनिधित्व कर सकता है? बचाए जाने और उद्धार के बीच वास्तव में क्या अंतर है?
                               और पढ़ें:सर्वशक्तिमान परमेश्वर

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