मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VII (II) परमेश्वर सभी चीज़ों के लिए जीवन का स्रोत है" (भाग तीन)
सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "तो परमेश्वर ने सभी चीज़ों को आपस में जुड़ा हुआ, आपस में गुथा हुआ, और परस्पर निर्भर बनाया है। उसने सभी चीज़ों के जीवित बचे रहने के लिए और उनके अस्तित्व के लिए इस पद्धति एवं इन नियमों का उपयोग किया था और इस रीति से मानवजाति ने खामोशी से और शांति से जीवन बिताया है और विकसित हुई है और इस जीवन्त वातावरण में आज के दिन तक एक पीढ़ी से लेकर दूसरी पीढ़ी तक बहुगुणित हुई है।
परमेश्वर ने मानवजाति के जीवित बचे रहने को सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक वातावरण को संतुलित किया है। यदि परमेश्वर के नियम एवं नियन्त्रण यथास्थान नहीं होते, तो कोई भी मनुष्य इस वातावरण को कायम एवं संतुलित नहीं रख सकता था, भले ही इसे परमेश्वर के द्वारा प्रथम स्थान पर सृजा गया था—यह अभी भी मानवजाति के जीवित बचे रहने को सुनिश्चित नहीं कर सकता है। अतः तुम देख सकते हो कि परमेश्वर इसे पूरी सारता से सम्भालता है।"
परमेश्वर ने मानवजाति के जीवित बचे रहने को सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक वातावरण को संतुलित किया है। यदि परमेश्वर के नियम एवं नियन्त्रण यथास्थान नहीं होते, तो कोई भी मनुष्य इस वातावरण को कायम एवं संतुलित नहीं रख सकता था, भले ही इसे परमेश्वर के द्वारा प्रथम स्थान पर सृजा गया था—यह अभी भी मानवजाति के जीवित बचे रहने को सुनिश्चित नहीं कर सकता है। अतः तुम देख सकते हो कि परमेश्वर इसे पूरी सारता से सम्भालता है।"
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